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Saturday, March 21, 2020

Help yourself | Self-help | World best motivation

Help yourself | Self-help | World best motivation

दोस्तों क्या अपने कभी सोचा है, की अपनी सहायता कौन करेगा , शायद ऐसा विचार तो प्रत्येक इंसान के जहन में आया होगा। 

Self -Help( अपनी सहायता ) 
अगर आपके मन में ये प्रश्न हे की आपकी सहायता कौन करेगा , तो में इसका जबाब बताता हु। 

आपकी सहायता "आप खुद" ही करेंगे और कोई नहीं कर सकता , क्योंकि आपकी समस्या क्या है ये आपसे ज्यादा कोई नहीं जनता है। 

इसलिए मेरी राय यही हे की किसी दूसरे पर निर्भर कभी नहीं रहना चाहिए। 

हम सफलता को किस तरीके से मापते है ( How do we measure success)

प्रत्येक व्यक्ति के मन में यह सवाल होगा कि हम सफलता को किस पर पैमाने से मापे। 

क्या किसी काम को अच्छी तरीके से कर लेने पर हम उसे सफल इंसान कहेंगे या अपने लक्ष्य को हासिल करना ही सफलता मानी जाती है। 

तो मैं कहूंगा बिल्कुल नहीं, क्योंकि सफलता इस बात से नहीं मापी जा सकती कि, हमने जिंदगी में कौन सा मुकाम हासिल किया है।  बल्कि इस बात से मापी जाती है, कि हमने वह मुकाम कितनी रुकावट को दूर करके, बाधाओं को दूर करके फिर हासिल किया है। 

सफलता इस बात से नहीं मापी जाती कि, हम जिंदगी में दूसरे लोगों की तुलना में कैसी उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं।  बल्कि इस बात से मापी जाती है, कि हम अपनी क्षमताओं की तुलना में कितनी उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। 

 सफल लोग अपने आप से मुकाबला करते हैं।  वह अपना खुद का रिकॉर्ड बनाते हैं।  और उस में लगातार सुधार लाते हैं। 

 सफलता इस बात से नहीं मापी जाती, कि हमने जिंदगी में कितनी ऊंचाइयां हासिल की है।  बल्कि इस बात से मापी जाती है, कि हम कितनी बार गिर कर उठे हैं।  सफलता का आकलन गिरकर उठने की क्षमता से ही किया जा सकता है। 

हर सफलता के पीछे एक बहुत बड़ी असफलता की कहानी छुपी हुई है (There is a huge failure story hidden behind every success.)

सफलता की सीढ़ियों को ही हम सफलता की मंजिल कहते हैं।  क्योंकि जब हम किसी काम में फेल हो जाते हैं, तो हम मंजिल तक तो नहीं पहुंच पाते।  लेकिन मंजिल तक पहुंचने के लिए एक सबक जरूर मिलता है जिसकी सहायता से मंजिल तक पहुंचने में आसानी जरूर होती है। 

असफलता, सफलता हासिल करने का ही राजमार्ग है।  आई.बी.एम के एक टॉम वाटसन, सीनियर का कहना, "अगर आप सफल होना चाहते हैं, तो अपनी असफलता की दर दुनी कीजिए" अगर हम इतिहास पढ़े तो पाएंगे कि सफलता की हर कहानी के साथ महान असफलताएं भी जुड़ी हुई है।  लेकिन लोग उन असफलताओं पर ध्यान नहीं देते वह केवल नतीजों को देखते हैं, और सोचते हैं कि उस आदमी ने क्या किस्मत पाई है।  वह सही वक्त पर सही जगह रहा होगा। 

एक आदमी की जिंदगी की कहानी बड़ी मशहूर है।  यह आदमी 21 साल की उम्र में व्यापार में नाकामयाब हो गया ; 22 साल की उम्र में वह चुनाव हार गया; 24 साल की उम्र में उसे व्यापार में फिर असफलता मिली; 26 साल की उम्र में उसकी पत्नी मर गई; 27 साल की उम्र में उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया; 34 साल की उम्र में वह कांग्रेस का चुनाव हार गया; 45 साल की आयु में उसे सीनेट के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा; 47 साल की उम्र में वह उपराष्ट्रपति बनने में असफल रहा; 50 साल की उम्र में उसे सीनेट के एक और चुनाव में ना कामयाबी मिली; और वही आदमी 52 साल की उम्र में अमेरिका का राष्ट्रपति चुना गया।  वह आदमी अब्राहम लिंकन था। 

क्या हम अब्राहम लिंकन को असफल मानेंगे वह शर्म से सिर झुका कर मैदान से हट सकते थे और अपनी वकालत फिर से शुरू कर सकते थे लेकिन लिंकन के लिए हार केवल एक भटकाव थी सफर का अंत नहीं था। 

हमें रास्ते में ठोकरे जरूर लगेगी लेकिन वह हमारे लिए प्रेरणा भी बन सकती है और हमें विनम्रता का पाठ पढ़ा सकती है इससे हम मुसीबत की घड़ी में अपने अंदर बाधाओं को दूर करने की शक्ति और विश्वास का अनुभव करेंगे हर ठोकर लगने के बाद कुछ से पूछे कि हमने उस तजुर्बे से क्या सीखा तभी हम रास्ते के रोड़े को कामयाबी की सीडी बना पाएंगे। 

 अगर आप सोचते हैं 
अगर आप सोचते हैं कि आप हार गए हैं 
तो आप हारे हैं 
अगर आप सोचते हैं कि आप में हौसला नहीं है 
तो सचमुच नहीं है 
अगर आप जीतना चाहते हैं 
मगर सोचते हैं कि जीत नहीं सकते 
तो निश्चित है कि आप नहीं जीतेंगे 
अगर आप सोचते हैं कि हार जाएंगे 
तो आप हार चुके हैं 
क्योंकि हम दुनिया में देखते हैं कि 
सफलता की शुरुआत इंसान की इच्छा से होती है 
यह सब कुछ हमारी सोच पर निर्भर करता है 
अगर आप सोचते हैं कि पिछड़ गए हैं 
तो आप पिछड़ गए हैं 
तरकी करने के लिए आपको अपनी सोच ऊँची करनी होगी 
कोई भी सफलता प्राप्त करने से पहले आपको अपने प्रति विश्वास लाना होगा। 
जीवन की लड़ाई हमेशा 
सिर्फ तेज और मजबूत लोग ही नहीं जीतते बल्कि 
आज नहीं तो कल जीता वही आदमी है 
जिसे यकीन है कि वह जीतेगा। 




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