Breaking

Wednesday, September 25, 2019

Port Forwarding

Port Forwarding

 हेलो दोस्तों, आज हम बात करने वाले है port फॉरवार्डिंग के बारे में, शायद आप जानते होंगे port forwarding क्या होता है ? अगर नहीं जानते तो में आपको बताऊंगा बिलकुल simple भाषा में ,

Port Forwarding

जैसे की आप इंटरनेट का उपयोग करते होंगे अपने घर में, उसके साथ आप मॉडेम का भी उपयोग करते होंगे और उस मॉडेम के साथ में आप कई डिवाइसेस भी कनेक्ट करके रखते होंगे तो वो सभी डिवाइसेस अलग अलग IP Address से कनेक्ट होते है, और इस   IP Address ट्रांसलेट का एक अनुप्रयोग होता है। जो एक Address और port number  संयोजन से communication request को रीडायरेक्ट करता है।  

इस प्रकार की तकनीक का उपयोग ज्यादातर एक किसी दूसरे  या गेटवे (बाहरी नेटवर्क) के  opposite दिशा में होस्ट करने के लिए protected आंतरिक या नेटवर्क पर होस्ट करने के लिए किया जाता है, पहुँचने वाले स्थान का पता और संचार के port number का पुन: उपयोग करके एक आंतरिक location तक जाता है। 

पोर्ट फ़ॉरवर्डिंग उपयोग 

पोर्ट फ़ॉरवर्डिंग अपने से दूर किसी अन्य इंटरनेट कंप्यूटर से  एक निजी स्थानीय-क्षेत्र नेटवर्क (LAN) के अन्दर  एक विशिष्ट कंप्यूटर या सेवा से जुड़ने का काम करता है। 

यह एक विशेष प्रकार के residential network में, नोड्स एक राउटर या network address translator (NAT) से जुड़े  केबल मॉडेम के माध्यम से इंटरनेट एक्सेस प्राप्त करते हैं। 

अपने खुद के नेटवर्क पर host ethernet  प्लग से जुड़े होते हैं या बिना किसी वायर के माध्यम से communicate करते हैं। NAT डिवाइस का किसी अन्य  इंटरफ़ेस सार्वजनिक IP address के साथ कॉन्फ़िगर किया गया होता है। दूसरी तरफ, राउटर के पीछे के कंप्यूटर इंटरनेट पर आने वाले के लिए दिखाई नहीं देता है। क्योंकि वे प्रत्येक को हर एक केबल को private IP address के साथ communicate करते हैं।

पोर्ट फ़ॉरवर्डिंग को फिक्स करते समय,जो नेटवर्क व्यवस्थापक होता है वह एक विशेष प्रकार का  host पर स्थित private network में एक service के लिए  एक पोर्ट नंबर सेट करता है। ये port number आने वाले को पता होना जरुरी होता है।   ज्यादातर, बड़े -बड़े  इंटरनेट सेवाओं के पोर्ट नंबर, जैसे वेब सेवाओं (HTTP) के लिए पोर्ट नंबर 80 का उपयोग port  forwarding में किया जाता है, इससे निजी नेटवर्क के अन्दर सामान्य इंटरनेट सेवाओं को सभी पर लागू किया जा सके।

विशिष्ट अनुप्रयोगों इस प्रकार से है। 

एक private LAN के अन्दर सार्वजनिक रूप से सभी के लिए  HTTP सर्वर चालू करना। 
इंटरनेट के माध्यम सेprivate Lan  पर आने वाले के लिए सुरक्षित एक्सेस की अनुमति प्रदान करना। 
इंटरनेट से एक निजी LAN पर होस्ट तकपहुँचने के लिए  FTP  की अनुमति देना। 

जब gateway डिवाइस पर उपयोग किया जाता है, तो गंतव्य स्थान और port  का अनुवाद करने के लिए एक single rule के साथ एक port forward लागू किया जाता है।  जब उन मशीनों पर उपयोग किया जाता है जो नेटवर्क का डिफ़ॉल्ट गेटवे नहीं हैं, तो source address को अनुवाद मशीन के address के रूप में बदलना होगा, अन्यथा अनुवादक को redirect कर देगा और कनेक्शन  fail हो जाएगा।

port forwarding के प्रकार 

सामान्तया पोर्ट फॉरवार्डिंग तीन प्रकार के होते है। 

1. Local port forwarding
2. Remote port forwarding
3. Dynamic port forwarding

1. Local port forwarding का उपयोग बहुत ही कॉमन है इसकी सहायता से किसी उपयोगकर्ता को स्थानीय कंप्यूटर से दूसरे सर्वर से कनेक्ट करने के लिए किया जाता है। कहने का मतलब उपयोगकर्ता के द्वारा किसी कलाइंट को सुरक्षित रूप से डाटा को बेजा जा सकता है।  

ssh port forwarding
ssh port 


एक SSH क्लाइंट से कनेक्शन, और SSH सर्वर के माध्यम से, अपनी इच्छा के अनुसार अपने मन मुताबिक सर्वर पर भेजा जाता है। SSH सर्वर को एक निर्दिष्ट port  होस्ट और port  के लिए एक सुरक्षित पाइप के माध्यम से एक निर्दिष्ट port  (जो host  को स्थानीय है जो SSH क्लाइंट चलाता है) से डेटा पुनर्निर्देशित करने के लिए कॉन्फ़िगर किया जाता है। 


2. Remote port forwarding

port  फ़ॉरवर्डिंग का यह रूप SSH के पहुँचने वाले के पक्ष में रहने वाली सेवाओं तक पहुँचने के लिए एक सुरक्षित शेल (SSH) कनेक्शन के सर्वर पक्ष पर अनुप्रयोगों को सक्षम बनाता है।


Dynamic port forwarding

Dynamic port forwarding का उपयोग network  या इंटरनेट पर data प्रसारण की प्रक्रिया के लिए किया जाता है। यह NAT का पता लगाने में उपयोगी है। यह लक्षित उपयोगकर्ता को विश्वसनीय सर्वर उपलब्ध करवाने के लिए उपयोगी होता है।  DPF की सेटिंग मैन्युअल होती है इसलिए इसका उपयोग नहीं किया जाता है। 

1 comment: