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Wednesday, September 25, 2019

Circle Definition|वृत्त से संबंधित मुख्य परिभाषाएं

Circle Definition(वृत्त से संबंधित मुख्य परिभाषाएं)

 नमस्कार दोस्तों आज हम बात करेंगे वृत्त की परिभाषा ओं के बारे में -

Circle Definition

समतल में स्थित किसी बिंदु से निश्चित दूरी पर स्थित बिंदु का बिंदुपथ वृत्त कहलाता है। 

वृत्त से संबंधित मुख्य परिभाषाएं

Circle Definition

जीवा व व्यास:

परिधि पर स्थित दो बिंदुओं को मिलाने वाली सरल रेखा को वृत्त की जीवा कहलाती है।   
Note: व्यास, वृत्त की सबसे बड़ी जीवा होती है। 

वृत्तखण्ड: 
Circle Definition

 कोई जीवा जब किसी वृत्त को दो भागों में बांटती है, तो प्रत्येक भाग एक वृत्त खंड कहलाता है।  बड़ा वृत्तखंड दीर्घ वृत्तखंड जबकि छोटा वृत्तखंड लघु वृत्तखंड कहलाता है। 

त्रिज्यखंड:
cricle definition small sector

वृत्त की दो त्रिज्याओं व चाप से परिबद्ध आकृति त्रिज्यखंड कहलाती है।  यदि केंद्र पर अंतरित कोण न्यून कोण हो तो इसे लघु त्रिज्यखंड जबकि अधिक कोण हो तो इसे दीर्घ त्रिज्यखंड कहते हैं। 


केंद्र रेखा 

दो या दो से अधिक वृत्त के केंद्र से होकर जाने वाली सरल रेखा को केंद्र रेखा कहते हैं। 

 सर्वांगसम वृत्त 

दो सर्वांगसम वृत्तों के ऐसे चाप जिनके अंश माप समान हो, सर्वांगसम चाप कहलाते हैं। 

►एक वृत्त की बराबर जीवाएं केंद्र पर बराबर कोण अंतरित करती है। 

►यदि एक वृत्त की दो जिवाओं द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण बराबर हो, तो वह दोनों जीवाएं बराबर होती है। 

►एक वृत्त के केंद्र से जीवा पर डाला गया लंब जीवा को समद्विभाजित  करता है। 

► किसी वृत्त की किसी जीवा के मध्य बिंदु को केंद्र से मिलाने वाली रेखा, उस जीवा पर लंब होती है। 

► तीन असंरेखीय बिंदुओं से एक और केवल एक वृत्त खिंचा जा सकता है। 

► समान जीवन केंद्र से समदुरस्त होती है। 

► केंद्र से समदुरस्त जीवाएं समान होती है। 

► एक चाप द्वारा वृत्त के केंद्र पर अंतरित कोण वृत्त के शेष भाग के किसी बिंदु पर अंतरित कोण का दुगुना होता है। 

► चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग 180 डिग्री होता है। 

► यदि किसी चतुर्भुज के सम्मुख कोण संपूरक हो वह एक चक्रीय चतुर्भुज होता है। 

 ►अर्धवृत्त में बना कोण समकोण होता है। 

►चक्रीय चतुर्भुज की एक भुजा बढ़ाने पर बनने वाला बहिष्कोण उसके अंतरा विमुख कोण के बराबर होता है। 

 ►यदि किसी चक्रीय चतुर्भुज का बहिष्कोण उसके अन्तराभिमुख कोण के बराबर हो तो सिद्ध कीजिए एक चक्रीय चतुर्भुज होता है। 

► वृत्त के किसी बिंदु पर खींची गई स्पर्श रेखा, उस स्पर्श बिंदु से गुजरने वाली त्रिज्या के लंबवत होती है। 

 ►किसी वृत्त की त्रिज्या के अंतिम बिंदु पर, त्रिज्या के लंबवत खींची गई रेखा वृत्त की स्पर्श रेखा होती है। 

► वृत्त के बाहर स्थित किसी बिंदु से वृत पर खींची गई स्पर्श रेखाएं परस्पर समान होती है। 

 ►यदि किसी वृत्त की स्पर्श रेखा के स्पर्श बिंदु से एक जीवा खींची जाए तो इस जीवा द्वारा दी गई स्पर्श रेखा से बनाए गए कोण क्रमशः उसी जीवा द्वारा एकांतर वृत्तखंड में बने कोणों के बराबर होते हैं। 

►यदि वृत्त की जीवा के एक सिरे पर एक ऐसी रेखा खींची जाती है कि जीवा द्वारा उसके साथ बना कोण इसके एकांतर वृत्तखंड में जीवा द्वारा बनाए गए कोण के बराबर हो, तो वह रेखा वृत्त की स्पर्श रेखा होती है। 

 वृत्त से संबंधित सूत्रों के बारे में जानने के लिए अगली पोस्ट का इंतजार करें मैं अगली पोस्ट में वृत्त से संबंधित सभी सूत्र लिखूंगा। 

 यदि किसी प्रकार की समस्या है तो आप मेरे कमेंट बॉक्स में लिखकर बता सकते हैं मैं उसका समाधान करने की कोशिश करूंगा। 

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